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13 January 2019

अब्दूल कलाम जीवनी , अनमोल वचन , रोचक तथ्य , पुरुस्कार

डॉ कलाम का 15 अक्टूबर, 1931 को धनुषकोडी गाँव , रामेश्वरम , तमिलनाडू में मछुआरे परिवार में जन्म हुआ था. वे तमिल मुसलमान थे. एपीजे अब्दुल कलाम का पूरा नाम अवुल पाकिर जैनुलाब्दीन अब्दुल कलाम था. इनके पिता जैनुलाब्दीन पेशे से मछुआरे और माता अशियाम्मा ग्रहणी थी. 
इस लेख में कलाम के जीवन के 20 वाक्य , कलाम से जुड़े 20 रोचक तथ्य , कलाम के 20 अनमोल विचार दिए है -

कलाम के जीवन के 20 वाक्य 

  • अब्दुल कलाम के पिता पेशे से नाविक थे और ज्यादा पढ़े लिखे नहीं थे. वे मछुआरो को नाव किराये पर दिया करते थे. पांच बेटे और पांच बेटियों वाले परिवार को चलाना थोड़ा मुस्किल होता है.
  • आठ वर्ष की छोटी सी उम्र में सुबह चार बजे उठकर और नहा कर गणित की ट्यूशन के लिए जाते थे. सुबह नहाने का कारण यह था कि कलाम के टीचर हर वर्ष पांच बच्चो को मुफ्त में गणित पढ़ाते थे और वो बिना नहाये बच्चो के लिए ऐसा नहीं करते थे.

  • कलाम ट्यूशन से आने के बाद नमाज पढ़ते और इसके बाद वे सुबह आठ बजे तक रामेश्वरम के रेलवे स्टेशन और बस स्टेंड पर अख़बार बांटते थे.
  • अब्दूल कलाम ने अपनी प्रारम्भिक शिक्षा रामेश्वरम् में पूरी की, सेंट जोसेफ कॉलेज से ग्रेजुएशन की डिग्री ली और मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त की.
  • कलाम ‘एयरोस्पेस टेक्नोलॉजी’ में आने के पीछे अपनी पांचवी क्लास के टीचर सुब्रह्मण्यम अय्यर को बताते हैं. कलाम ने बताया कि, ‘वो हमारे बेस्ट टीचर्स में से थे. एक बार उन्होंने कक्षा में पूछा कि चिड़िया कैसे उड़ती है? क्लास के किसी छात्र ने इसका उत्तर नहीं दिया तो अगले दिन वो सभी बच्चों को समुद्र के किनारे ले गए. वहां कई पक्षी उड़ रहे थे. कुछ समुद्र किनारे उतर रहे थे तो कुछ बैठे थे. वहां उन्होंने हमें पक्षी के उड़ने के पीछे के कारण को समझाया साथ ही पक्षियों के शरीर की बनावट को भी विस्तार पूर्वक बताया जो उड़ने में सहायक होता है. उनके द्वारा समझाई गई ये बातें मेरे अंदर इस कदर समा गई कि मुझे हमेशा महसूस होने लगा कि मैं रामेश्वरम के समुद्र तट पर हूं और उस दिन की घटना ने मुझे जिंदगी का लक्ष्य निर्धारित करने की प्रेरणा दी. बाद में मैंने तय किया कि उड़ान की दिशा में ही अपना करियर बनाउं.
अब्दूल कलाम का रामेश्वरम में घर ( जहाँ उनका जन्म हुआ )

  • अब्दुल कलाम का सपना भारतीय वायुसेना में फाइटर पायलट बनने का था. वायुसेना की परीक्षा में उनके साथ कुल 25 उम्मीदवार बैठे थे जिसमे से आठ का चयन होना था. वह उस परीक्षा में नौवीं पोजिशन पर रहे और उनका सपना टूट गया.
  • भारतीय वायुसेना में नाकाम रहने के बाद 1962 में "भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन" यानी "इसरो" में नौकरी शुरू की. उनके निर्देशन में भारत ने पहला स्वदेशी "उपग्रह प्रक्षेपण यान" यानी PSLV-3 बनाया और 1980 में पहला उपग्रह "रोहिणी" अंतरिक्ष में स्थापित किया था.
  • कलाम के नेतृत्व में भारत ने टैंक भेदी मिसाइल नाग , जमीन से जमीन पर मार करने वाली पृथ्वी मिसाइल, जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइल त्रिशूल का निर्माण किया. अपनी इन कामयाबियो के चलते वे "मिसाइल मैंन" के नाम से प्रसिद्ध हुए.
  • 1992 से 1999 तक कलाम साहब रक्षा मंत्री के वैज्ञानिक सलाहकार भी रहे थे. इस दौरान भारत ने पोकरण में परमाणु परीक्षण भी किया जिसमें कलाम साहब की भूमिका अहम थी.
  • पोकरण में परमाणु परिक्षण के मिशन को "शक्ति" नाम दिया गया था जिसमे डॉ कलाम ने अहम् भूमिका अदा कि थी.
  • कलाम ने विजन 2020 दिया. इसके तहत कलाम ने भारत को विज्ञान के क्षेत्र में तरक्की के जरिए 2020 तक अत्याधुनिक करने की खास सोच दी गई. 

  • अब्दुल कलाम को 48 यूनिवर्सिटी और इंस्टीट्यूशन से डाक्टरेट की उपाधि मिली थी.
  • अब्दुल कलाम को भारत के सभी सर्वोच्च पुरस्कार मिले है जो इस प्रकार है - 1981 में पद्म भूषण, 1990 में पद्म विभूषण, 1997 में भारत रत्न और इन्दिरा गाँधी अवार्ड  , 2011 में IEEE होनोअरी मेम्बरशिप.
  • साल 2002 में राष्ट्रपति चुनाव होने थे और NDA की सरकार थी जिसके पास पूर्ण बहुमत नहीं था इसलिए यह अपनी पसंद का राष्ट्रपति नहीं बना सकती थी. समाजवादी पार्टी के प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने डॉ कलाम का प्रस्ताव रखा जिसे सरकार ने मंजूरी दे दी.
  • भारत रत्न पाने वाले कलाम देश के केवल तीसरे राष्ट्रपति हैं. उनसे पहले यह मुकाम सर्वपल्ली राधाकृष्णन और जाकिर हुसैन ने हासिल किया.
रामेश्वरम में अब्दूल कलाम का स्कूल

  • साल 2007 में अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करने का बाद कलाम साहब ने पद छोड़ दिया था.
  • कलाम साहब ने चार पुस्तके लिखी है. इन पुस्तकों के नाम है 'विंग्स ऑफ़ फायर', 'इण्डिया 2020- ए विज़न फॉर द न्यू मिलेनियम', 'माई जर्नी' तथा 'इग्नाटिड माइंड्स- अनलीशिंग द पॉवर विदिन इंडिया'.
  • 27 जुलाई 2015 को शिलांग में छात्रों को संबोधित करने के दौरान ही दिल का दौरा पड़ने के कारण डॉ कलाम का 83 वर्ष की उम्र में निधन हो गया
  • मृत्यु के बाद 28 जुलाई को कलाम को गुवाहाटी से दिल्ली लाया गया यहाँ उनके दिल्ली स्थित घर में उनका शरीर आम जन के दर्शन के लिए रखा गया था.
  • 30 जुलाई एयरबेस द्वारा उनका पार्थिव शरीर उनके पैत्रिक गाँव ले जाया गया जहाँ उनका अंतिम संस्कार किया गया.

अब्दूल कलाम से जुड़े 20 रोचक तथ्य ( 20 Interesting facts related to Abdul Kalam in hindi )


  • कलाम को छात्रो से अधिक लगाव था इसलिए सयुक्त राष्ट्र ने उनके जन्म दिवस को "छात्र दिवस" के रूप में मनाने का निर्णय लिया.
  • नासा के वैज्ञानिको ने एक बैक्टीरिया खोज की जिसका नाम अब्दूल कलाम के नाम पर " सोलिबैकिलस कलामी" रखा है. आपको बता दे कि कलाम का शुरूआती प्रशिक्षण वर्ष 1963 को नासा में हुआ था.
  • कहा जाता है कि कलाम ने अपनी पूरी प्रोफेशनल जिन्दगी में केवल 2 दिन का ही अवकाश लिया था. एक अपने पिता व एक अपनी माता के देहांत के समय.

  • किसी ने जब कलाम से उनकी मनपसंद भूमिका के बारे में सवाल किया था तो उनका कहना था कि शिक्षक की भूमिका उन्हें बेहद पसंद आती है.
  • गणित और भौतिक विज्ञान उनके पसंदीदा विषय थे.
  • डॉ कलाम फाइटर पायलट बनने का सपना तो कभी पूरा नहीं हो सका परन्तु साल 2006 में उन्होंने देश के सबसे एडवांस फाइटर प्लेन "सुखोई-30" को बतौर को-पायलट 30 मिनट उड़ान भरी थी. फाइटर प्लेन में बैठने वाले वे देश के पहले राष्ट्रपति थे.
  • एपीजे अब्दुल कलाम देश के पहले और अब तक के इकलौते गैर राजनीतिक राष्ट्रपति थे, यही उनकी कमजोरी भी थी और ताकत भी.
  • डॉ कलाम की फोटो रामेश्वरम के प्रसिद्ध मंदिर में लगाई गई है. यह मंदिर हिन्दू धर्म में चारो धामों में से एक है.

  • 2002 में राष्ट्रपति बनने के बाद भी उनसे मिलने कोई भी आम आदमी जा सकता था. कई सारे पत्रों का जबाव तो वे स्वयं अपने हाथों से लिखकर दिया करते थे.
  • अब्दूल कलाम लैपटॉप इस्तेमाल करने वाले देश के पहले राष्ट्रपति थे.
  • डॉ कलाम को "पीपूल्स प्रेसिडेंट" भी कहा जाता है क्योंकि वे आम लोगो से काफी नजदीकी रिश्ता बनाकर रखते थे.
  • अब्दूल कलाम 26 मई 2006 को जब स्विटजरलैंड पहुंचे तो वहां की सरकार इस दिन को "विज्ञान दिवस" घोषित किया जो डॉ कलाम को समर्पित है.
  • 15 अगस्त 2003 को कलाम ने स्वतंत्रता दिवस की शाम को राष्ट्रपति भवन के लाँन में चाय पार्टी का आयोजन किया था जिसमे लगभग 3000 लोग आने थे. उस दिन जोरो से बारिस हो रही थी और थमने का नाम नहीं ले रही थी. सभी लोग परेशान थे कि भवन के अन्दर इतने लोग आ नहीं सकते है वहां तो 700 लोगो की जगह है और छाते भी हमारे पास केवल 2000 ही है. दोपहर 12 बजे कलाम के सचिव ने उन्हें इस समस्या से अवगत करवाया तो कलाम ने कहा - अगर बारिस जारी रही तो क्या होगा ज्यादा से ज्यादा क्या होगा , हम भीगेंगे ही न. उनके सचिव परेशान होकर वापिस जाने के लिए मुड़े ही थे इतने में कलाम ने कहा - " आप परेशान न हो मेने उपर बात कर ली है" ठीक 2 बजे बारिस थम गई और मौसम सुहावना हो गया. चाय पार्टी समाप्त होते ही जैसे ही कलाम राष्ट्रपति भवन की छत के नीचे पहुंचे बारिस फिर से शुरू हो गयी.
  • एक बार कलाम ने 6000 किसानों को राष्ट्रपति भवन में आमंत्रित किया तो एक बार 250 पुलिस वाले उनके मेहमान बने थे.
  • सन 2005 में पाकिस्तानी राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने कलाम से मुलाक़ात की. मुलाक़ात से पहले उनके सचिव ने उनको बताया कि मुशर्रफ कश्मीर का मुद्दा जरुर उठाएंगे. इस पर कलाम ने कहा वे संभाल लेंगे. वार्तालाप 30 मिनट तक चली और परवेज मुशर्रफ को बोलने का मौका ही नहीं मिला. मुलाक़ात के बाद मुशर्रफ ने कहा - भारत भाग्यशाली है कि उसको आप जैसा एक वैज्ञानिक राष्ट्रपति मिले.
  • मई 2006 में अब्दुल कलाम का पूरा परिवार उनसे मिलने दिल्ली आया था. जिसमे 52 सदस्य थे 8 दिन रुके थे. पूरे परिवार का खर्चा कलाम ने अपनी जेब से दिया था जो कि 352000 रूपये था.
  • अपना कार्यकाल पूरा करके कलाम जब राष्ट्रपति भवन से जा रहे थे तो उनसे विदाई संदेश देने के लिए कहा गया. उनका कहना था, ‘विदाई कैसी? मैं अब भी एक अरब देशवासियों के साथ हूं.’
पोकरण में परमाणु परिक्षण के पल
  • कलाम को एक बार IIT(BHU) के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर बुलाया गया था. वहां पर उन्होंने देखा कि पांच कुर्सियां रखी हुई है और मध्य वाली अन्य कुर्सियों से थोड़ी बड़ी है जो कि राष्ट्रपति के लिए है. कलाम ने वाइस चांसलर ( VC ) से उस पर बैठने का अनुरोध किया. फिर VC ने मामले को संभाला और अन्य चार कुर्सियों के समान कुर्सी मंगवाई गई.
  • पोकरण में परमाणु परिक्षण के बाद कलाम के शब्द ( 2005 जयपुर ) - "रेत के धोरों में पूर्णिमा की रात मुझे अच्छी लगती है. मैं पूरे चांद वाली इस रात के कुछ पल अकेले बिताना चाहता हूं... और मैं पोकरण को प्यार करता हूं, क्योंकि यह कुछ करने और स्वच्छंदता का एक बेहतर मंच है."

अब्दूल कलाम के 20 अनमोल विचार ( Abdul Kalam 15 Motivational Quotes in Hindi )

  • अगर तुम सूरज की तरह चमकना चाहते हो तो पहले सूरज की तरह जलो.
  • सपने वो नहीं है जो आप नींद में देखे, सपने वो है जो आपको नींद ही नहीं आने दे.
  • छोटा लक्ष्य अपराध हैं; महान लक्ष्य होना चाहिये

  • जो अपने दिल से काम नहीं कर सकते वे हासिल करते हैं, लेकिन बस खोखली चीजें, अधूरे मन से मिली सफलता अपने आस-पास कड़वाहट पैदा करती हैं
  • इंतजार करने वाले को उतना ही मिलता हैं, जितना कोशिश करनेवाले छोड़ देते हैं
  • जिस दिन हमारे सिग्नेचर ऑटोग्राफ में बदल जायें, उस दिन मान लीजिये आप कामयाब हो गये
  • निपुणता एक सतत प्रक्रिया है कोई दुर्घटना नहीं
  • मनुष्य के लिए कठिनाइयाँ बहुत जरुरी हैं क्यूंकि उनके बिना सफलता का आनंद नहीं लिया जा सकता
  • आप अपना भविष्य नहीं बदल सकते, लेकिन अपनी आदतें बदल सकते है और निश्चित रूप से आपकी आदतें आपका भविष्य बदल देंगी

  • मुझे पूरा यकीन है कि जब तक किसी ने नाकामयाबी की कड़वी गोली न चखी हो, वो कायमाबी के लिए पर्याप्त महत्वाकांक्षा नहीं रख सकता
  • यदि चार बातों का पालन किया जाए – एक महान लक्ष्य बनाया जाए, ज्ञान अर्जित किया जाए, कड़ी मेहनत की जाए, और दृढ रहा जाए – तो कुछ भी हासिल किया जा सकता हैं
  • बारिश के दौरान सारे पक्षी आश्रय की तलाश करते है, लेकिन बाज बादलों के ऊपर उड़कर बादलों को ही अवॉयड कर देते हैं। समस्यायें कॉमन है, लेकिन आपका एटीट्यूड इनमें डिफरेंस पैदा करता हैं
  • असली शिक्षा एक इंसान की गरिमा को बढ़ाती है और उसके स्वाभिमान में वृद्धि करती है। यदि हर इंसान द्वारा शिक्षा के वास्तविक अर्थ को समझ लिया जाता और उसे मानव गतिविधि के प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ाया जाता, तो ये दुनिया रहने के लिए कहीं अच्छी जगह होती
  • जहाँ हृदय में सच्चाई होती है वहां घर में सामंजस्य होता है; जब घर में सामंजस्य होता है, तब देश में एक व्यवस्था होती है; जब देश में व्यवस्था होती है तब दुनिया में शांति होती हैं।

  • जब हम बाधाओं का सामना करते हैं, हम अपने साहस और फिर से खड़े होने की ताकत के छिपे हुए भण्डार को खोज पाते हैं, जिनका हमें पता नहीं होता कि वो हैं। और केवल तब जब हम असफल होते हैं, एहसास होता है कि संसाधन हमेशा से हमारे पास थे। हमें केवल उन्हें खोजने और अपनी जीवन में आगे बढ़ने की ज़रूरत होती हैं
  • ऊंचाई तक जाने के लिए शक्ति अर्थात योग्यता की आवश्यक्ता होती है, चाहे वो  ऊंचाई एवरेस्ट की हो या आपके करियर की.
  • इंसान को जीवन में मुश्किलों की जरूरत है, क्योंकि यही मुश्किलें सफलता का सुख अनुभव कराती .
  • अपने मिशन में सफल होने के लिए हमें अपने लक्ष्य की ओर एकाग्रचित होकर कार्य करना चाहिए. सफलता जरूर मिलेगी.
  • धर्म की स्थापना के लिए किसी को मारना, किसी धर्म में इसका उल्लेख नहीं है.
  • एक अच्छी किताब सौ दोस्तों के समान है, पर एक अच्छा दोस्त पूरे पुस्तकालय (लाइब्रेरी) के बराबर होता है. इसलिए बेहतर है कि एक अच्छा दोस्त बनाएं.

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