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25 November 2019

स्कूल में पढ़ा चुकी अमन आज सिक्योरिटी सलूशन के क्षेत्र में अपने क्लाइट्स को दे रही है सुरक्षा कवच



शादी से कुछ समय पहले  एक निजी स्कूल में पढ़ने वाली अमन  सिंह के दिमाग में उस बीस वर्ष की छोटी सी उम्र में भी एंटरप्रेन्योरशिप के आइडियाज छाये रहते थे लेकिन बिजनेस शुरू करने के लिए जरुरी फण्ड की कमी की वजय से वे अपने इस सपने को उस समय साकार नहीं कर पाई थी . अब चूँकि वे बिजनेस में हाथ आजमाने का ठान ही चुकी थी तो शादी के अगले ही दिन अपने पति जीबी सिंह के साथ मिलकर इस सपने की और अपना पहला कदम बढ़ा दिया . अमन के मन में हमेशा से सिक्योरिटी सिस्टम के क्षेत्र में बिजनेस करने की इच्छा थी . यह इच्छा पूरी भी हुइ और आज उनकी कंपनी कवच प्रोटेक्शन सिस्टम प्राइवेट लिमिटेड इमारतो और उसमे आने वाले लोगो की सुरक्षा में मुस्तेदी से जुटी है .


अच्छा रहा शगुन

बिजनेस में अमन की शुरुआत भी एक अच्छे शगुन से हुई . अपनी शादी में मिले शगुन के पैसो से इन दोनों ने अपने बिजनेस की शुरुआत की . शगुन के पैसो से लगभग तीस हजार की रकम बनी थी , जिससे इन दोनों ने सिक्योरिटी सिस्टम का अपना बिजनेस शुरू किया

बनती रही परिस्थितिया

माचिस बनाने वाली कंपनी की एक सहयोगी कंपनी को उसके निदेशकों ने बेचने का फेसला कर लिया था . अमन जानती थी इस कंपनी को लेकर बिजनेस को सही ऊंचाईयों तक ले जाने में मदद मिल सकती है इसीलिए इन्होने मोके को हाथ से जाने नहीं दिया और इस कंपनी को हासिल कर लिया और अपने बिजनेस को नया नाम दिया कवच

परिवार ने दिया साथ

अमन के ससुराल पक्ष से कई लोग सिक्योरिटी सोलूशन्स के ही क्षेत्र में कार्यरत थे ऐसे में अमन को घर पर ही मार्गदर्शन मिल सका . सुबह सात बजे से रात ग्यारह तक के बिज़ी शेड्यूल वाली अमन घर और दफ्तर के बीच तालमेल बिठाना जानती है . उनका मानना है की बिजनेस को सफल बनाने के लिए परिवार का सपोर्ट मिलना बहुत जरुरी है .

केसे आया आईडिया

सिक्योरिटी सोलूशन्स का आईडिया पहली बार अमन के दिमाक में तब आया था जब उन्होंने जेम्स bond की फिल्म देखि थी . इस क्षेत्र ने आकर्षण के चलते उन्होंने सिक्योरिटी सिस्टम से जुडी ज्यादा से ज्यादा क़िताबे पढनी शुरू कर दी . उनके बुक शेल्फ पर सिक्योरिटी ओपरेशन मेनेजमेंट . क्रिमिनोलोजी , डिजिटल cctv और किसी घुसपेठीये के घुश जाने पर बजने वाले अलार्म से जुडी क़िताबे है . उनके ससुर और जेठ भी सुरक्षा गार्ड के बिजनेस में ही थे तो अमन को उनसे काफी सिखने को मिला . लेकिन अमन सिक्योरिटी के लिए लगाये जाने वाले सिस्टम के क्षेत्र में काम करना चाहती थी उन्होंने सरकारी दफ्तरों में सिक्योरिटी सिस्टम की मांग देखि और इस पर काम शुरू किया

नया नया था सफ़र

जब अमन ने इस क्षेत्र में काम शुरू किया तो उस समय बाजार में इनकी कंपनी समेत डो ही कम्पनीया थी . यहाँ अमन की नयी कंपनी के सामने एक बड़ी और पुराणी कंपनी G4S सिक्योरिटी. अमन की कंपनी की शुरुआत किराये की जगह पर हुई थी जहा उनके पास एक सफाई कर्मचारी के अलावा कोई स्टाफ नहीं था . आज उनका गुडगाव में अपना office है . कवच सिक्योरिटीज दिल्ली और राष्ट्रिय राजधानी क्षेत्र में अपने सुरक्षा उपकरणों को सीधे कलाईन्ट्स को बेचने और इमारतो में इन उपकरणों को लगाने का काम भी करती है

अभी लम्बा है रास्ता

सिंह के अनुसार उनकी कंपनी फ़िलहाल ज्यादा बड़ी नहीं है लेकिन इस क्षेत्र में अभी तमाम सभावनाए मोजूद है . उनके अनुसार ‘अभी हमने पुरे मार्किट में अपनी मोजुदगी दर्ज नहीं करायी है . यह तब तक हो भी नहीं सकता जब तक हम आम आदमी तक अपनी पहुँच न बना ले उनके अनुसार नब्बे के दसक में सुरक्षा उपकरणों की प्राथमिक ग्राहक सरकार ही थी लेकिन बहुराष्ट्रीय कंपनियों के आ जाने के बाद निजी कंपनीयो ने भी सुरक्षा उपकरणों को तवज्जो देनी सूरु की. आज बहुत से लोग निजी मकानों की सुरक्षा के लिए भी इन उपकरणों को लगवा  रहे है . हालाँकि हर घर तक पहुँच में अभी समय लगेगा ‘


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