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14 November 2019

ये जीव कभी पानी नहीं पीता है

हमारे चारो और बहुत सारे जीव पाए जाते है . ऐसा माना जाता है की ये सभी जीव पहले पानी में ही रहते थे . इसलिए हर जीव के लिए पानी आवश्यक होता है . चाहे जल में रहने वाली मछली हो या स्थल पर रहने वाले सबसे बड़े जीव हो सभी के जीवित रहने के लिए पानी जरुरी होता है . परन्तु ऐसा जरुरी नहीं है की उसको पानी पीना ही होगा .हमारी धरती पर कुछ जीव ऐसे भी पाए जाते है . जो अपने शरीर में खुद पानी बनाते है जिससे इनको पानी पीना नहीं पड़ता है .

रेगिस्तान में ज्यादातर समय तक सुखा ही पड़ता वहां पर बरसात न के बराबर होती है  इसलिए रेगिस्तान में पाए जाने वाले पेड़ - पोधो और जन्तुओ में विभिन्न अनुकूलन पाए जाते है . जिससे वे रेगिस्तान कि कठिन और कड़ी परिस्थितियों में सामान्य जीवन जी सके. 
कुछ जीवो में ये अनुकूलन बाहरी होते है कुछ में आंतरिक . इन जीवो सबसे ज्यादा पानी का उपयोग कम करने वाले अनुकूलन पाए जाते है , यहाँ जीव लम्बे समय तक बिना पानी के रह सकते है या उन्होंने एक ऐसी क्रियाविधि विकसित कर ली जिससे उन्हें कभी पानी कि जरुरत ही महसूस नहीं होती है और उनको बाहर से पानी पीना नहीं पड़ता है . आइये जानते ऐसे ही  जीवो के बारे में -

ये है वो जीव जो पानी नहीं पीते है 


  • रेगिस्तान में पाए जाने वाले ज्यादातर जीव पानी का अपने शरीर में संग्रह कर लेते है जिसको वो बाद में लम्बे समय तक उपयोग में ले सकते है इस लिस्ट में राजस्थान और इसके आसपास पाए जाने वाला ऊंट शामिल है जो एक बार लगभग 100 लीटर पानी स्टोर कर लेता है जिसका वह धीरे धीरे उपयोग करता है और उसका काम 1 महीने तक आसानी से चल जाता है .
  • दुसरे जीव का कंगारू चूहा है जो की उत्तरी अमेरिका के सहारा मरुस्थल में पाया जाता है . हम आपको बता दे की सहारा मरुस्थल दुनिया का सबसे बड़ा मरुस्थल है और इसमें लम्बे समय तक गर्मिया रहती है और वर्षा कि एक बूँद भी नहीं गिरती है . इसलिए यहाँ कम ही जीव पाए जाते है 
  • कंगारू चूहा अपने जीवन में कभी पानी नहीं पीता है क्योंकि इसने कालांतर में अपने शरीर में एक ऐसी विधि को पूर्ण विकसित कर लिया जिससे इनको अपने शरीर के अन्दर ही पानी मिलता रहे और इसे बाहर से पानी पीने की जरुरत महसूस न हो .
                          
  • कंगारू चूहा अपने शरीर में स्थित वसा का उपयोग करता है , यह वसा का ऑक्सीडेशन करेगा जिससे इसको सह-उत्पाद के रूप में पानी मिल जाता है . और इसका उपयोग यह अन्य कार्यो में कर लेता है .
  • कोई जीव पानी इसलिए पीता है ताकि उसके शरीर की समस्त क्रियाए सुचारू रूप से चल सके . और इसके यह बाहर से पानी लेता है . हम आपको बता दे हर जीव में जब वसा का ऑक्सीडेशन होगा तो पानी बनेगा . 
  • अब आपके सामने सवाल यह होगा कि अगर अपने शरीर में ही पानी बन रहा है तो हमें बाहर से पानी क्यों पीना पड़ता है इसका जवाब भी मै आपको देता हु - जब वसा का ऑक्सीडेशन होगा तो हमारे शरीर को बहुत अधिक एनर्जी की आवश्यकता होगी और इसके लिए आपको ज्यादा खाना पड़ेगा . 
  • हम एनर्जी को बचाने के लिए बाहर से पानी लेते है ताकि हमें कम मात्रा में भोजन करना पड़े और ज्यादा उर्जा मिल जाए .
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  • कंगारू चूहा भी यही चाहता होगा पर उस स्थान पर उसको पानी नहीं मिला तो उसको अपने शरीर में पानी बनाने का तरीका ही उपयोग में लेना पड़ा . और यह बाहर से खाना खाता रहता है और अपने शरीर में इसे स्टोर करता है . जब आवश्यकता होगी वसा का ऑक्सीडेशन कर लेगा .
  • यहाँ हम आपको रेगिस्तान की कुछ महत्वपूर्ण बाते और बता देते है - मित्रो सभी पोधो में रंध्र पाए जाते है  जिससे पोधे पानी को बाहर निकालते है . आपने अनुभव किया होगा पार्क में मोसम ठंडा होता है यह पोधो के कारण ही है क्योंकि उन्होंने रंध्रो से पानी बाहर निकाला और उससे मोसम ठंडा हो गया .
  • रेगिस्तान में पानी की कमी होती है तो केवल और केवल रेगिस्तान में ही ऐसे पोधे पाए जाते है जिनमे रंध्र नहीं पाए जाते है या गर्मियों में बंद हो जाते है जिससे पानी की हानि कम हो .
  • मित्रो आपने देखा होगा कि ऊंट और रेगिस्तानी जीव सूखे मल का त्याग करते है . और इनका मूत्र भी बहुत ज्यादा सांद्रित होता है जिससे इनके शरीर से बाहर पानी बहुत ही कम निकलता है .
  • रेगिस्तानी जीवो पसीना भी बहुत कम आता है आप ऊंट का उदाहरण ले सकते है इसके सिर्फ और सर के पिछले भाग में ही पसीना आता है और कहीं भी पसीना नहीं आता है यह केवल और केवल पानी बचाने का एक तरीका मात्र है .

अगर विज्ञानं से जुड़ा आपका सवाल है तो आप कांटेक्ट फॉर्म में लिख सकते है 

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